SUCCESS – कामयाबी की पहचान

सक्सेस यानि कामयाबी, जब इन्सान अपने क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिये कड़ी मेहनत व दृढ़ निश्चय से,अपने चुने हुए लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है तो उसे ही कामयाब व सफल इन्सान माना जाता है।यह लक्ष्य जीवन के किसी भी क्षेत्र या समाज में,किसी बिज़नेस या जॉब में अथवा किसी ख़ास उपलब्धि को प्राप्त करना हो सकता है।सफलता या कामयाबी के मायने हर व्यक्ति के लिये अलग हो सकते हैं क्योंकि हर व्यक्ति के जीवन का लक्ष्य अलग होता है।ज़िंदगी में सफल होने के लिये व अपने क्षेत्र में कामयाबी प्राप्त करने के लिये कुछ मूलभूत बातों को अपनी ज़िन्दगी में उतारना होता है।ये छोटी-छोटी मगर महत्वपूर्ण बातें जीवन को समझने व उनपर अमल कर जीवन को कामयाब बनाने में एक बड़ी भूमिका अदा करती हैं।

SUCCESS - कामयाबी की पहचान

सफलता का अर्थ है महसूस करना,जो कार्य आप करते हैं उसको बड़े उत्साह व चाव से लोगों को बताना व गर्व महसूस करना।यही गर्व आपको मानसिक शान्ति व आर्थिक आज़ादी प्रदान करेगा।आधुनिक समाज में यही दोनों बातें हमारे ससम्मान जीने का आधार होती हैं। अगर किसी व्यक्ति के पास मानसिक शान्ति के साथ साथ आर्थिक आज़ादी भी है तो वह सफलता की तमाम ऊँचाइयों को छू सकता है।ऐसी सफलता व कामयाबी पाने के लिये व्यक्ति को जीवन में कुछ बातों को अपनाना पड़ता है।आइये कुछ बातों को जानते हैं।

SUCCESS - कामयाबी की पहचान

हर काम को अच्छे से करें – यदि आप कोई काम अपने हाथ में लेते हैं तो पूरे जी-जान से उसे पूरा करने में जुट जायें।पहले पूरी प्लानिंग कर उसकी कार्यशैली को समझें,तत्पश्चात उसे बेहतरीन बनाने के लिये उसमें निरन्तर सुधार करते रहें।जब कार्य पूर्ण होगा तो आप उसे एक नये व अनोखे रूप में देखेंगे,जो सिर्फ़ आपकी कोशिशों के बदौलत होगा।मज़बूत इच्छाशक्ति के मालिक बनिये – अगर आपकी इच्छाशक्ति मज़बूत होगी तो किसी भी कार्य करने के लिये आप आगे बढ़कर चुनौतियों का सामना करने के लिये हमेशा तैयार मिलेंगे और हारने का डर मन से निकाल देंगे।यही इच्छाशक्ति आपको जीवन में बहुत आगे ले जायेगी। आलोचनाओं से मत घबरायें – किसी भी कार्य को करने के लिये अगर आपने पूरी हिम्मत व अपनी योग्यता का भरपूर इस्तेमाल किया है तो उसके असफल होने के नतीजे से कभी नहीं घबराना चाहिये।असफल होना भी कार्य का ही हिस्सा है। इतनी योग्यता से किया गया कार्य अगर सफल हो जाता तो वह सफलता के नये आयाम स्थापित करता। रिस्क लेने से मत घबरायें – अगर आप किसी कार्य को लीक से हटकर व बड़े अन्दाज़ में करना चाहते हैं तो आपको रिस्क भी बड़ा लेना होगा।रिस्क और फ़ायदा दोनों जुड़ें हुए विषय हैं।आप जितना ज्यादा रिस्क उठायेंगे,फ़ायदा भी उतना बड़ा होगा।संभावित परिणामों से घबरा कर अपने ऊपर दबाव मत डालिए। अपने मेंटर ख़ुद बनिये – आप जितना ख़ुद पर विश्वास कर सकते हैं, उतना कोई आप पर विश्वास नहीं करेगा।इसलिए ख़ुद पर यक़ीन रखते हुए अपने फ़ैसले ख़ुद लीजिये।इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह होगा की हार या जीत दोनों आपकी होंगी। आप ख़ुद पर यक़ीन करना सीख जायेंगे। यही आपकी सबसे बड़ी जीत होगी।

दुनिया में कोई ऐसा मुक़ाम या मंज़िल नहीं है जो इन्सान की पहुँच से दूर हो।अतः जीवन की कठिनाइयों को एक किनारे कर अपने लक्ष्य को पाने में जुट जाना चाहिये।अपने आलस्य को त्याग कर आगे बढ़ने का समय आ गया है।बस आपको कुछ प्रण लेने होंगे और कुछ लीक से हटकर कार्य करने होंगे और सफलता हमेशा की तरह आपका दिल खोलकर स्वागत करने के लिये तैयार बैठी है। धन्यवाद व जय हिन्द

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