ORAC SCORE – स्वस्थ शरीर का आधार स्तम्भ

ORAC SCORE – स्वस्थ शरीर का आधार स्तम्भ

आजकल की तेज़ रफ़्तार व भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में जहाँ तनाव सिर चढ़कर बोल रहा है वहीं शुद्ध व पौष्टिक खान-पान न मिलने के कारण हमारी पाचन क्षमता व शरीर के विभिन्न हिस्सों पर इसका बहुत बुरी तरह से असर हो रहा है।अस्वस्थ व अनियमित खान-पान ने हमारी रोज़मर्रा की दिनचर्या को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है।हम जो भी खाते हैं, पीते हैं या हवा में साँस लेते हैं, हमारी हर प्रक्रिया ख़तरनाक टॉक्सिन, कैमीकल्स व प्रदूषण से भरपूर होती है, जिससे हम बीमार व अस्वस्थ रहने लगे हैं।हम इसका कारण जाने बिना ही अंधाधुँध दवाइयों का सेवन करने लग जाते हैं परिणामस्वरूप हम ख़ुद को और बीमार बना रहे हैं।

ORAC SCORE (ओरेक स्कोर) की ज़रूरत क्यों हैं

ओरेक स्कोर को जानने से पहले इसकी ज़रूरत के बारे में विस्तार से जानते हैं।जिस ऑक्सिजन को हम साँस द्वारा लेते हैं वह भोजन में अणुओं को तोड़ने में मदद करती है ताकि वह ऊर्जा पैदा करे।यह भोजन में ऑक्सीडेशन नामक प्रक्रिया के माध्यम से होता है।ऑक्सीडेशन शरीर में फैले विषैले तत्वों को डिटोक़्स कर बाहर निकालने की प्रक्रिया है।ऑक्सिजन ऊर्जा पैदा करने व बैक्टीरिया से लड़ने में मदद के साथ प्रक्रिया में कुछ ऐसे अनचाहे पदार्थ भी बनाती है जो जीवन के लिये ख़तरनाक हो सकते हैं।ऑक्सीडेशन की इस प्रक्रिया में कुछ फ़्री रैडीकल्स उत्पन्न होते हैं जो शरीर द्वारा अवशोषित नहीं होते हैं और वे हमारी कोशिकाओं, प्रोटीन व डी.एन.ए. को नुक़सान पहुँचाते हैं जिससे ह्रदय रोग, कैंसर, श्वसन रोग जैसी बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं।ये फ़्री रैडीक़ल्स हमारे हार्ट, किडनी, ज़्वाईंटस, स्किन, लंग्स व इम्यून सिस्टम पर बहुत बुरा प्रभाव डालते हैं जिससे इनसे सम्बन्धित बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।लेकिन प्रकृति ने इन फ़्री रेडीक़ल्स के लिये एक हल प्रदान किया है और वह है एंटी ऑक्सीडैंट।जैसे फ़ाईबर आंतो में अपशिष्ट उत्पादों को साफ़ करता है ठीक वैसे ही एंटी ऑक्सीड़ैंट कोशिकाओं में फ़्री रैडीकल्स के प्रभाव को ख़त्म कर देता है।यहीं ORAC(ओरेक) की एण्ट्री होती है।

ORAC SCORE(ओरेक स्कोर) क्या है

ओ.आर.ए.सी.(ऑक्सीजन रैडीकल्स एब्सौरबेन्ट कैपेसिटी) नैशनल इंस्टीटयूट ऑफ़ हैल्थ एंड एंजिग(एन.आई.एच.) के वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न खाद्य पदार्थों की एंटी ऑक्सीडैंट क्षमता को मापने के लिये विकसित की गयी विधि है।जिन ओरेक स्कोर वाले खाद्य पदार्थों व मसालों में एंटी ऑक्सीडैंट क्षमता अधिक होती है वह अधिक प्रभावी रूप से हानिकारक फ़्री रैडीकल्स को बेअसर कर देती है।उच्च क्षमता वाले ORAC खाद्य पदार्थ व पोषक तत्व जैसे कि आयरन, विटामिन सी, जिंक, ओमेगा, मैग्नीशियम और विटामिन डी हमारी शारीरिक क्षमता व सुरक्षा कवच को मज़बूती प्रदान करते हैं।प्रकृति से मिलने वाले विभिन्न फलों, हरी साग सब्ज़ियों, मसालों, वनस्पतियों व जड़ी बूटियों से ORAC भरपूर मात्रा में प्राप्त किया जा सकता है।लौंग, तुलसी, अदरक, हल्दी आदि के सत्व(रस) की ओरेक क्षमता 10 गुणा तक ज़्यादा होती है।एक आम आदमी को प्रतिदिन 3000 से 5000 ओरेक क्षमता या कहें कि एंटी ऑक्सीडैंट की ज़रूरत होती है, जबकि अकेले लौंग की ORAC क्षमता ही 3,14,446 है।इसी प्रकार दालचीनी की ओरेक क्षमता 2,67,537, हल्दी की 1,02,700, तुलसी की 67,553 व अदरक की 28,811 है।हमारी रसोई में ही अच्छी सेहत का ख़ज़ाना छुपा हुआ है और हम इसे बाहर तलाश रहे हैं।

भारतीय समाज में मसालों जड़ी बूटियों की महिमा

पुरातन काल से ही भारतीय रसोई स्वस्थ व पौष्टिक खाने का आधार स्तम्भ बनी हुई है।इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले न केवल हमें स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं बल्कि आश्चर्यजनक रूप से हम बीमारियों को भी दूर रख पा रहे हैं।इन मसालों में पाये जाने वाले ORAC SCORE का अगर मान ज्ञात किया जाये तो हम हज़ारों रुपये ख़र्च कर भी इतनी मज़बूत प्रतिरक्षा प्रणाली को नहीं पा सकते हैं।कोरोना काल में भी करोड़ों लोगों ने इनका प्रयोग कर अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाया है।भारत सरकार के आयुष मन्त्रालय ने अभी हाल में देश की 135 लोकेशन पर 104 से ज़्यादा स्टडी में पाया की आयुष अपनाने वालों को कोरोना होने पर इसका गंभीर असर नहीं हुआ है।ऐसे लोग (15000) या तो बिना लक्षण वाले थे या फिर इनमें बेहद हल्के लक्षण थे।इन्होंने आयुष मंत्रालय के सुझाव अनुसार दिन में दो बार तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक और किशमिश का काढ़ा पीया था व खाँसी व गले में ख़राश के लिये दिन में दो बार शहद के साथ लौंग का पाउडर का सेवन किया था।इसके विपरीत आयुष के सुझावों को नकारने वालों को संक्रमित होने पर बेहद गम्भीर परिस्तिथियों का सामना करना पड़ा।यदि हम अपने स्वास्थ्य को आने वाले ख़तरे से बचाना चाहते हैं तो हमें प्रकृति के दिये इस अनमोल ख़ज़ाने को बचाने व उसे दूसरों तक पहुँचाने के लिये हमेशा तैयार रहना होगा। धन्यवाद व जय हिन्द

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