LIFE PARTNER – जीवन साथी का चुनाव

सदियों से समाज में शादी को एक पवित्र रिश्ते के रूप में स्वीकारा जाता है।एक ऐसा रिश्ता जो परस्पर प्यार व विश्वास पर टिका हो, जिसमें जीवन साथी सहजता से रहते हुए एक दूसरे के प्रति सम्मान दिखाएँ व अपने साथी के महत्व को स्वीकारे। रिश्ते बनाना बहुत सहज है लेकिन उन्हें निभाना उतना ही मुश्किल है।जीवन में कई बार छोटी छोटी बातें जीवन के सुख चैन को ख़त्म कर देती हैं।दरअसल जीवन में एक दूसरे की क्षमताओं का पता विवाह के बाद ही चलता है।साथ रहते हुए जीवन की कड़वी सच्चाइयों से रूबरू होते ही बुने हुए सपने चकनाचूर होना शुरू हो जाते हैं और छोटी छोटी बातों को लेकर शुरू हुई तकरार धीरे धीरे बड़े झगड़ों की ओर बढ़ने लगती है।

जल्दबाज़ी में तय किए गए रिश्ते

विवाह से पहले रिश्तों में एक अनोखा आकर्षण होता है,जो हमें रिश्तों को लेकर बहुत गहराई से सोचने का मौक़ा ही नहीं देता है।दोनों साथी प्यार में सरोबार व भावनाओं के घोड़े पर सवार होकर जीवन की तमाम कड़वी सच्चाइयों को नज़रंदाज़ कर जल्द एक दूसरे के होना चाहते हैं।आसमान की तमाम ऊँचाइयों को छूने का ख़्वाब, यथार्थ के धरातल पर उतरते ही टूट जाता है।अब जीवन की छोटी छोटी दिक़्क़तें भी पहाड़ लगने लगती हैं। अगर एक दूसरे की पसंद-नापसंद को अगर पहले जान लिया होता तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। कोई भी मनुष्य पूर्णतः परफ़ेक्ट नहीं होता है, लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाये तो ज़िंदगी में बहारें फिर से आ सकती है। रोज़मर्रा के छोटे छोटे त्याग ज़िन्दगी के कैनवस को फिर से रंगों से सराबोर कर सकते हैं।

एक सच्चे प्यार भरे रिश्ते की अहम बातें

जीवन साथी का चुनाव करते समय कई ऐसी अहम बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है जिससे आने वाला दाम्पत्य जीवन सुखद व सफल हो।ज़िंदगी के इस सबसे अहम फ़ैसले लेने में कभी जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिये।आपसी रिश्तों का सबसे बड़ा आधार दोनों का एक दूसरे में विश्वास है। अविश्वास की डोर से बँधे रिश्ते कभी भी एक झोंके से टूट कर ख़त्म हो जाते हैं।दोनों पक्षों को आपसी विश्वास बनाए रखने की ईमानदार कोशिश करनी चाहिए जिससे एक दूसरे के प्रति सम्मान बढ़े व दोनों साथ रहकर अच्छा महसूस करें। दोनों में एक दूसरे की पसन्द-नापसन्द को समझने की क़ाबलियत होनी चाहिये।एक सच्चा जीवन साथी वही है जो आपकी कमियाँ गिनाने के बजाए उन्हें दूर करने में मदद करे।इससे आपसी विश्वास व प्यार में भरोसा क़ायम होता है।

मन की झिझक को दूर कीजिए

आपसी सम्बंधो में बेहतरी व प्यार जगाने के लिये दोनों पक्षों को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए जिसमें दोनों अपनी झिझक, दुविधा व संशय को समाप्त कर अपने साथी के विचार, रूचियाँ व जीवन के लक्ष्यों के बारे में जान सकें और उसे अपने विचारों से भी अवगत करा सकें। जीवन की बुरी यादें व पुराने रिश्तों के बारे में खुलकर बात करने से दोनों में आपसी समझ पैदा होती है। अपनी बात को बिना लाग लपेट के अपने साथी के सामने रखिए और उसे सोचने का अवसर प्रदान करें। कुछ ऐसे सवाल भी होते हैं जिनका जवाब पाने में आपको कुछ समय तक इन्तज़ार पड़ेगा।अतः एक दूसरे के प्रति सम्मान दिखाइए।अपने साथी को अच्छी तरह से जाने बिना उस पर न्योछावर होना आपकी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है।

अपने चयन को सही साबित करें

अपने वैवाहिक जीवन को टिकाऊ व विश्वास से भरपूर बनाए रखने के लिये परस्पर प्यार व त्याग की भावना को सर्वोपरी बनाए रखना ही सुखी दाम्पत्य जीवन की पहली सीढ़ी है।एक दूसरे की भावना को समझ कर उनका महत्व स्वीकारना व समय समय पर छोटे छोटे सरप्राइज़ से चौंकाते रहना सुखी वैवाहिक जीवन की नींव है।इससे आपसी रिश्ता मज़बूत होता है और आप ज़िंदगी के इस अटूट बन्धन में बंधकर अपने आपको सफल व सौभाग्यशाली महसूस करेंगे। धन्यवाद व जय हिन्द

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