INDEPENDENCE DAY – आज़ादी के मायने

15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश हुकूमत से पूर्णता आज़ादी मिली।आज़ादी के मतवाले वीर सपूतों के ख़ून से सींची गई यह वह आज़ादी थी जिसमें जाति व धर्म के भेदभाव को भुलाकर समाज के हर वर्ग के लिये ख़ुशहाली, तरक़्क़ी व भाईचारे की कामना की गई थी।आज़ादी का जो सपना हमारे पुरखों ने देखा था,वो समय बीतने के साथ साथ तार -तार होता गया है।जहाँ भ्रष्टाचार ने आज़ाद भारत की नींव हिला डाली वहीं जाति, धर्म व सम्प्रदाय के नाम पर हर नेता अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेकने लगा है।लोकतन्त्र की आड़ में अधिनायकवाद पनपने लगा है।अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जाने लगा है।देश सेवा के नाम पर नेताओं ने अपनी ख़ूब जेबें भरी हैं।राजनीति बुरी तरह से बदनाम हो गयी हैं।हर भारतीय को यह लगने लगा की यह वो आज़ादी नहीं, जिसके लिये देश के लाखों शहीदों ने बलिदान दिया है।

आज़ादी की नई परिभाषा

देश आज़ाद होने के बाद लोगों में उम्मीद की एक नई किरण पैदा हुई थी।अब उनके लिये आज़ादी के मायने भी धीरे धीरे बदल रहे हैं।अब आज़ादी की परिभाषा सार्वजनिक न रहकर व्यक्तिगत हो गयी है।अब हर व्यक्ति विचारों की आज़ादी व अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता चाहता है।वह आज़ादी जो हमारे रहन-सहन, खान-पान व सामाजिक कार्यों से झलकनी चाहिये।आज़ादी का मतलब है अपनी हर बात को बिना किसी रुकावट के दूसरों तक पहुँचाना।आज आज़ादी बिना किसी रोक टोक के कुछ भी करने का नाम है।इसी अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के नाम पर जहाँ कुछ लोग आज़ादी का नाजायज़ फ़ायदा उठा रहे हैं और अपना छिपा हुआ एजेंडा चला रहे हैं।वहीं वोटों के चक्कर में अपने आपको धर्म निरपेक्ष मानने वाली ताक़तें भी ख़ामोश रहकर उनको बढ़ावा दे रही हैं।आज समाज में हर व्यक्ति व संस्था आज़ादी की व्याख्या अपने हिसाब से कर रही है।

आज़ादी के बाद देश की ऊँची उड़ान

तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमने बहुत तेज़ी से हर क्षेत्र में ज़बरदस्त विकास किया है।आर्थिक, सामाजिक व सुरक्षा की दृष्टि से हम पूरे विश्व में एक बड़ी शक्ति बनकर उभरे हैं।आज दुनिया के हर मंच पर हमारी आवाज़ सुनी जाती है और हमारे विचारों को प्रमुखता से जगह दी जाती है।हमारे सामर्थवान व होनहार युवाओं ने पूरी दुनिया में अपने देश का झंडा ऊँचा किया है।सॉफ्टवेयर,कला,योग व आयुर्वेद में हम पूरे विश्व का नेतृत्व कर रहे हैं।आज दुनिया के किसी भी क्षेत्र में हम,औरों की तुलना में कमतर साबित नहीं हुए हैं।हमने अपने गौरवशाली इतिहास को समेट कर उसे निरंतर प्रोत्साहन दिया है और इसी विरासत के दम पर दुनिया का नेतृत्व करने के लिये बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

आज़ादी को बनाये रखने के लिये हमारा योगदान —

आज़ादी का मतलब अपनी सोच को बदलने व मन के आज़ाद होने से है।केवल राजनैतिक नेतृत्व को कोसने से ही आज़ादी की परिभाषा पूर्ण नहीं होती है बल्कि आगे बढ़कर अपने कर्तव्यों का निर्वाह करना भी ज़रूरी है।अपने देश व समाज की बेहतरी के लिये हमें आगे बढ़कर कुछ ठोस क़दम उठाने की आवश्यकता है।देश के पिछड़े, शोषित, वंचित व लाचार लोगों की मदद करके व उनकी आवाज़ को बुलन्द करके ही हम असली आज़ादी की अनुभूति कर सकते हैं। जब भारत की 130 करोड़ जनता के पास मौलिक अधिकारों के साथ साथ मौलिक सुविधाएँ भी होंगीं तभी हमारे पास गर्व करने लायक़ सीना होगा।हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि समझ कर व भारत को विश्व महाशक्ति बनाने का सपना पूरा करने के लिये जी जान से जुटना पड़ेगा।तभी हम भारत को सुरक्षित, सुदृढ़ व अपने सपनों के जैसा बना पायेंगे। धन्यवाद, जय हिन्द, वन्दे मातरम्

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