HOW TO CELEBRATE LIFE – ज़िन्दगी को कैसे जियें

इस संसार में मनुष्य का आना व जाना एक शाश्वत सत्य है।उतना ही सत्य, जितनी ये प्रकृति,ब्रह्माण्ड और ईश्वर है।जबसे इस सृष्टि की रचना हुई है,यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। इस जन्म मरण के बन्धन के बीच में हमें थोड़ी सी ज़िन्दगी ही जीने के लिये मिलती है।वह ज़िन्दगी, जिसे लेकर लोगों का अलग अलग नज़रिया है और हर व्यक्ति इसे अपने हिसाब से जीना चाहता है।लेकिन छोटी सी ज़िन्दगी भी समय समय पर हमारी परीक्षा लेती रहती है। जीवन के इस दौर में हमें कई बार अनचाहे दबाव का सामना करना पड़ता है और हम तनाव भरी ज़िन्दगी जीने को मजबूर हो जाते हैं।अगर जीवन में कुछ मूलभूत सिद्धान्तों का पालन किया जाये तो ज़िन्दगी को फिर से ख़ुशहाल बनाकर तमाम सुखों का आनन्द लिया जा सकता है।

ख़ुशहाल ज़िन्दगी जीने का तरीक़ा

जीवन को ख़ुशहाल व सुखमय बनाने के लिये हमें व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता होती है।एक आशावादी इंसान ही जीवन को सही ढंग से परिभाषित कर सकता है क्योंकि जीवन में हर पल आने वाली चुनौतियों को पहचानना व उनका समाधान निकालना सकारात्मक सोच के साथ ही मुमकिन है।बार बार अफ़सोस या पछतावा करना आपको निराशा के अन्धकार में धकेल सकता है,अतः सत्य को पहचानिये।आप जिसे बदल नहीं सकते हैं उसे वैसे ही अपनाने में आपकी भलाई है।उतार चढ़ाव जीवन का अहम हिस्सा है।ख़ुशी का एक मौक़ा हाथ से निकल जाने का मतलब यह क़तई नहीं है की अब यह मौक़ा दोबारा नहीं मिलेगा।ज़िन्दगी हमें हर क्षण नये मौक़े प्रदान करती है,बस हममें पहचानने की क़ाबलियत होनी चाहिये।जो हो गया उसे भूल जायें,ख़ुद पर विश्वास रखें और नये सिरे से जुट जायें।कुछ ही समय में आप पहले से ज्यादा मज़बूत व समृद्ध इन्सान के रूप में नज़र आयेंगे,जिसे चुनौतियों से लड़ने का व उन पर विजय पाने का अपार अनुभव होगा।

अपने जीवन में लोगों को महत्व दें

अपनी छोटी सी ज़िन्दगी में जहाँ तक हो सके,अपने आसपास के लोगों को भरपूर महत्व प्रदान करें।अकेले रहकर या समाज से कटकर दुनिया से जंग नहीं जीती जा सकती है।जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं होता है।इससे पहले की वक़्त व हालात आपको मजबूर कर दें, अपने परिवारजनों,मित्रों व अपने शुभचिंतकों से सम्पर्क बनाए रखें और उन्हें अपने हर सुख दुःख में बराबर का भागीदार बनायें।जो लोग हमें प्यार करते हैं या हम जिनसे प्यार करते हैं,वही हमारी असली जमापूँजी है।ऐसे अपने लोग ही मुश्किलों के वक़्त साथ खड़े रहते हैं और हमें जीवन की जंग लड़ने में मदद करते हैं।क्योंकि जीवन की इस जंग को लड़ने के लिये भावनात्मक सहारे की ज़रूरत पड़ती है,लड़ाई तो इन्सान को ख़ुद ही लड़नी पड़ती है।ज़िन्दगी हमें उतना ही वापिस लौटाती है,जितना हम इसमें इन्वेस्ट करते हैं।अतः अपनों का साथ हो तो मंज़िल आसानी से प्राप्त की जा सकती है।

अपने मुताबिक़ जीवन जियें

ज़िन्दगी का सबसे शानदार पहलू यह है की यह आपकी अपनी ज़िन्दगी है,तो इसकी दिशा निर्धारित करने पर भी आपका अधिकार है।इसे ख़ूबसूरत मोड़ देकर अंजाम तक आप ही पहुँचा सकते हैं।आपको जो अच्छा लगता है,वही कीजिए।बस अपने दिल की गहराइयों में उतर कर सही ग़लत का चुनाव कर लीजिए फिर आप इसे अपने मन मुताबिक़ तरीक़े में ढाल सकते हैं। जीवन में कभी कभी आपको दुखों, कठिनाइयों व मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है तो घबरायें नहीं,यह दौर भी आसानी से गुज़र जायेगा।भयानक काली रात के बाद ख़ुशनुमा सुबह का आगमन ज़रूर होता है।कभी कभी यह रात लम्बी हो सकती है लेकिन उसे हर हालत में जाना ही होता है।मुश्किलों से घबरा कर अपने जीवन को ख़तरे में न डालें, क्योंकि हमें प्यार करने वालों के लिये इसकी क़ीमत अनमोल है। धन्यवाद व जय हिन्द

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