DHARAVI – धारावी का उजला पक्ष

मुम्बई स्थित धारावी को एशिया का सबसे बड़ा झुग्गी झोंपड़ी वाला स्लम एरिया माना जाता है।तमाम तरह की नकारात्मक ख़बरें इस स्लम एरिया को सुर्ख़ियों में बनाये रखती है। मुम्बई फ़िल्म उधोग की 150 से अधिक फ़िल्मों में धारावी का चित्रण देखने को मिलता है लेकिन ये फ़िल्में धारावी की नकारात्मक छवि को ही पेश करती हैं।अपराध, ड्रग्स, हथियार, गैंग वार जैसे शब्द मानो धारावी को सामने रखकर ही गढ़े गये हों। लेकिन इन सब के बीच धारावी का एक अच्छा पहलू भी है, जो तक़रीबन 10 लाख की आबादी वाली बस्ती को ख़ुश व कार्यशील बनाये रखता है।आईये इस ख़ुशगवार पहलू के बारे में जानते हैं।

Duniyabharse dharavi

धारावी पृथ्वी पर सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है। जिसमें एक वर्गमील क्षेत्र में लगभग 10 लाख लोग रहते हैं।धारावी की यही कमी एक बड़े अवसर के रूप में सामने आयी है। जहाँ धारावी में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों व कपड़ा उद्योगों की बड़ी मात्रा में उपस्थिति है वहीं रिसाईकल योग्य कचरे को प्रसंस्कण करने का उद्योग भी बड़ी तेज़ी से विस्तार कर रहा है।इन उद्योगों से जुड़कर लगभग 2 लाख 50 हज़ार लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं।धारावी में छोटी बड़ीं लगभग 15000 के क़रीब फ़ैक्टरी हैं।धारावी दुनिया भर में अपने माल का निर्यात करती है।इनमें मुख्यतः चमड़े के उत्पाद,कढ़ाई के वस्त्र,आर्टीफ़िशल ज्वेलरी व रेडीमेड वस्त्र शामिल है।धारावी आर्थिक गतिविधियों का एक बड़ा केंद्र है।और अविश्वनीय रूप से तक़रीबन 1.6 अरब डालर का कारोबार प्रतिवर्ष करता है।अपने विश्वस्तरीय उत्पादों को पुरी दुनिया में पहुँचाने हेतू Dharavimarket.com नामक एक वेबसाईट की स्थापना की गयी है जिनसे जुड़कर कोई भी उपभोक्ता घर बैठें धारावी के तमाम उत्पादों को ख़रीद सकता है।

Duniyabharse dharavi

धारावी आर्थिक गतिविधियों के साथ साथ कला व संस्कृति में भी अग्रणी केंद्र है।यहाँ के कलाकार विभिन्न फ़िल्मों व वेब सीरिज़ में अपने अभिनय के जौहर दिखा रहे हैं।धारावी में 50 से अधिक रैपर्स व हिप- हाँप ग्रुप एक्टिव हैं जो विभिन्न भारतीय व विदेशी फ़िल्मों में अपने टैलेंट से लोगों को लुभा रहे हैं।हिप हाँप डांस स्लमगोड़स ग्रुप के बच्चे इंडियाज गाट टेलेंट में अपने डाँस का हुनर पूरे भारतवर्ष में दिखा चुके हैं। धारावी में मौजूद रैपर्स के संघर्ष व उनके हौसलों को सलाम करने के लिये उनकी ज़िन्दगी का,अभी हाल ही में आयी फ़िल्म Gully Boy में भरपूर चित्रण किया गया है।इसके अलावा धारावी में एक्टिंग, डांसिंग व सिंगिंग के कई इंस्टिटयूट मौजूद हैं।धारावी के जागरुक नागरिक ने कूढा करकट फैकनें के लिये इस्तेमाल की जा रही लगभग 4000 वर्ग फ़ीट जगह को हरियाली के जंगल में परिवर्तित कर दिया है।पूरी धारावी में यह जगह एक दुर्लभ स्थल के रूप में प्रकट होती है। 69% की साक्षरता दर के साथ धारावी भारत की सबसे अधिक साक्षर झोपड़पट्टी है।

Duniyabharse dharavi

धारावी के इसी जज़्बे को देखते हुए व उनके उत्थान के लिये महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 4 बिलियन डालर की लागत वाली एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है।इसके अन्तर्गत झुग्गी झोंपड़ी वाले घरों को हटा कर उन्हें 30 मंज़िला ऊँची इमारतों में बदला जायेगा।और ऐसी इमारतें बहुतायत में होंगी।लगभग 70000 से ज्यादा परिवारों को सभी सुख सुविधाओं से परिपूर्ण 300 वर्ग फ़ीट एरिया में बने अपार्टमेंट मुफ़्त में प्रदान किए जायेंगे।इस परियोजना में आधुनिक टाउनशिप के साथ साथ शापिंग माल व स्कूलों की बहुतायत में उपस्थिति होगी।यह परियोजना लाखों लोगों के जीवन का उत्थान करेगी। लेकिन कुछ लोग इस परियोजना का विरोध भी कर रहे हैं।उनके मुताबिक़ यह योजना धारावी के सामाजिक ताने बाने को नष्ट कर देगी।इन सब के बीच धारावी के आम नागरिक चुपचाप अपने काम में जुट कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं और बेहतर भविष्य का सपना देख रहे हैं। धन्यवाद व जय हिन्द

2 Replies to “DHARAVI – धारावी का उजला पक्ष”

Leave a Reply