साफ़ पानी या बीमारी की निशानी !

जल ही जीवन है, जल है तो कल है,साफ़ पानी बेहतर ज़िंदगानी, ऐसे स्लोगन ज़िंदगी में तभी अच्छे लगते है जब हर व्यक्ति तक स्वच्छ व साफ़ पानी की पहुँच हो। विदेशों में जहाँ सरकारी मशीनरी ने जनता को साफ़ व सुरक्षित पानी के लिए जान लड़ा दी वही भारत में पानी वितरण का कार्य नगर पालिका व नगर निगम को सौंप दिया गया। राजनीतिक पार्टियों द्वारा संचालित इन संस्थाओं ने कार्य में लापरवाही,सूचना के अभाव,व संसाधनों की कमी से इस अति ज़रूरी कार्य को नेपथ्य में धकेल दिया। इसी नाकाम तंत्र की वजह से लोग अपने घरों में water purifier लगाने को विवश हो गए। धीरे धीरे आर ओ का प्रचलन बढ़ता गया और आज हर तीसरे घर में आर ओ स्थापित है लेकिन हर अच्छी चीज़ अपने में अनेक बुराइयाँ छुपा कर लाती है आर ओ का कार्य जहाँ पानी में घुले हुए कीटाणुओं का सफ़ाया करना था वही आर ओ ने अच्छे कण ख़त्म करने शुरू कर दिए। यहाँ अच्छे से मतलब पानी में मिलने वाले मिनरल या खनिज लवण से है।पानी में सोडीयम,pottesium,कैल्सीयम,magnicium,प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। पानी का फ़िल्टर करने से यह सभी अच्छे कण ख़त्म हो जाते है जिसके परिणाम स्वरूप हमारे शरीर में इन खनिज तत्वों की कमी हो जाती है इससे हमारी हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती है,माँसपेशियों में खिंचाव आ जाता है,पाचन क्रिया में गड़बड़ी,दिल की बीमारी इसके अन्य लक्षण है।कैल्सीयम और magnicium की कमी से हार्ट अटैक का ख़तरा बड़ जाता है। आख़िर आरओ की इस कमी को कैसे दूर किया जाए इसका अभी तक कोई हल नहीं निकला है। लेकिन कुछ उपाय कर हम इसका इलाज कुछ हद तक कर सकते है। आरओ से पानी निकालकर उसे हम दस घंटे तक अगर मिट्टी के मटके में रख दें तो मिट्टी में मौजूद गुण उसे किसी हद तक उसे फिर से पीने योग्य बना सकते है। आरओ की बजाए पानी साफ़ करने के लिए क्लोरीन का इस्तेमाल करना चाहिए। क्लोरीन पानी में घुले हानिकारक bacteria को ख़त्म कर देती है।ओर पानी को साफ़ व पीने योग्य बनती है आख़िर हर नयी चीज़ अपने साथ कुछ परेशनिया भी लाती है अगर हम उनका डटकर सामना करे तो हर बुराई का अंत किया जा सकता है। धन्यवाद

One Reply to “साफ़ पानी या बीमारी की निशानी !”

  1. असल मे, जल-उपच।र क॓ लिऐ बहुत उप।य हैं । जनन विज्ञ।न अनुस।र, इस्म॓
    विशेष रूप से नस्ल की फसलों क। इस्तेम।ल भी किय। ज। सकत। है।

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