नमस्ते – दुनियाभर में नमस्ते की जय-जयकार

हाल ही एक समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने आयरलैंड के प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने की अपेक्षा नमस्ते करना पसंद किया। ट्रम्प ने पारम्परिक भारतीय अभिवादन पदति की तारीफ़ करते हुए कहा की, मैं हाल ही में भारत से लौटा हूँ और वहाँ ऐसे ही अभिवादन किया जाता है।यह आसान होने के साथ साथ वॉयरस से बचाव की भी उत्तम प्रणाली है।

भारत में हज़ारों सालों से अभिवादन के रूप में नमस्ते शब्द का प्रयोग किया जाता है।एक दूसरे से मिलने पर विनम्रता से अपने दोनो हाँथों को जोड़कर अभिवादन करना नमस्ते कहलाता है।नमस्ते शब्द का शाब्दिक अर्थ है,मैं आपको नमन करता हूँ। हाथ जोड़े इस मुद्रा का अर्थ, एक आत्मा द्वारा दूसरी आत्मा से आभार प्रकट करना भी है। यह विधि दिल से अभिवादन के साथ साथ गहरे आदर सम्मान की भी सूचक है।

आज पूरे विश्व ने इस प्राचीन भारतीय संस्कृति को दिल से अपनाया है। हाथ जोड़कर नमस्कार करने के कई वेज्ञानिक कारण भी उपलब्ध हैं।इस क्रिया से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। एक अजीब तरह की मानसिक शांति व आत्मबल की प्राप्ति होती है,और स्वभाव में विनम्रता पैदा होती है। नमस्ते के इस जादुई रूप की बदोलत आज पूरी दुनिया में लाखों लोग इस प्राचीन भारतीय प्रणाली की और आकर्षित हो रहे हैं।

विश्वमंच के बड़े बड़े नेता व अभिनेताओं ने हाथ मिलाने और गले लगाने की पुरानी परम्परा का परित्याग कर नमस्ते को अपनाया है। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प, फ़्रान्स के राष्ट्रपति मैक्रो,प्रिन्स चार्ल्स व पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा प्रमुख तौर पर शामिल है।ईसराएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयहू ने अपने देशवासीयो को हाथ मिलाने की जगह नमस्ते से अभिवादन करने की अपील की है। आज भले ही दुनिया भर में करोना वायरस के डर के चलते दुनिया धीरे धीरे नमस्ते की ओर आकर्षित हो रही है, लेकिन जब दुनिया इसके असली अर्थ को समझेगी,तब इसको अपनाने में ज़रा भी देर नहीं लगाएगी। धन्यवाद व जय हिन्द

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