जय जयकारा – दानवीरों को शत शत नमन

कोरोना आगमन से कुछ माह पूर्व अपनी बेबाक राय रखने के लिये मशहूर पूर्व राज्यपाल (जम्मू एंड कश्मीर) सतपाल मलिक ने भारत के अरबपतियों को ‘सड़ा हुआ आलू’ कहा था।उनके मुताबिक़ जहाँ भारत के अमीर केवल अपनी तिजोरियाँ भरने में व्यस्त हैं वहीं दूसरी और पूरी दुनिया के अरबपति समाज में फैली बीमारीयों,अशिक्षा व ग़रीबी से लड़ने के लिये अरबों डालर का दान कर रहें हैं।सतपाल मलिक के इस बयान से ख़ूब हो-हल्ला मचा था,लेकिन भारत के अधिकांश लोगों ने उनकी इस बात पर समर्थन की मोहर लगायी थी।

जय जयकारा -  दानवीरों को शत शत नमन

लेकिन अब समय बदल गया है।महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा है, दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए,और आपके पास सर्वश्रेष्ठ ही लौटकर आयेगा। स्वामी जी की इस बात से शिक्षा लेकर आज पूरा भारतवर्ष देश के ग़रीब, किसान,व ज़रूरतमंद लोगों के लिये एक साथ खड़ा हो गया है।देश के अमीरों ने जहाँ अरबों रुपए की मदद पहुँचायी है।वहीं देश के सामाजिक व धार्मिक संगठन, व्यापारी,ग्रहणियाँ, बच्चे बढ़-चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं।जिसके पास जितना सामर्थ है,उससे बढ़कर वह आमजन को राहत पहुँचाने की कोशिश कर रहा है।आईये इन करमवीरों के कुछ नेक कामों के बारे में जानते हैं।

जय जयकारा -  दानवीरों को शत शत नमन

भारत सरकार द्वारा क़ोरोना से लड़ने के लिये जहाँ युद्धस्तर पर कार्य किये जा रहे हैं।वहीं दूसरी और तमाम धार्मिक संगठन, सामाजिक संस्थाएँ व NGO भी अपनी पूरी ताक़त से इस भीषण बीमारी से लड़ रहे हैं। ज़रूरतमंद लोगों तक खाना व दवाईयां पहुँचाने के लिये इन्होंने अपने हज़ारों स्वयंसेवकों की फ़ौज को उतार दिया गया है।देश के बडे घरानों व कम्पनियों ने अपने होटल,रिज़ॉर्ट,ऑफ़िस को अस्थायी रूप से सरकार को सौंप दिया है।ताकि सरकार आगे के लिए ऐक्शन प्लान बना सके। कई ऑटो कम्पनियों ने अपनी एक एक यूनिट को वेंटिलेटर बनाने के लिये तैयार कर लिया है।घर पर रहने वाली हज़ारों ग्रहणियो ने अपने परिवार के साथ मिलकर भूखे लोगों तक खाना पहुँचाने व मास्क सिलकर लोगों को बाँटने की ज़िम्मेवारी उठाई हुई है।भारत देश का भविष्य,हमारे सैंकडो बच्चों ने अपनी जमा पूँजी को इन ग़रीबों व असहाय लोगों को समर्पित कर दिया है। विभिन्न निजी कंपनियों व संगठनों ने घरेलू राशन की किट बनाकर लाखों लोगों को सहायता प्रदान की है।चिकित्सा विभाग की मात्र एक कॉल पर आज हज़ारों यूनिट ख़ून एकत्र हो रहा है।भारत में फ़िल्म जगत से जुड़े कलाकार ने पूरे दिल से इस अभियान में बढ़-चढ़ कर सहयोग किया है। दान-पुण्य में आगे रहने वाले सिख समाज ने देश भर के गुरुद्वारों को लंगर परोसने के लिये तैयार कर रखा है,जहाँ लाखों लोगों को प्रतिदिन खाने की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है।सिख समाज ने दिल्ली सरकार को अपने नवनिर्मित 2 आधुनिकतम हॉस्पिटल की सेवाएँ लेने की पेशकश की है। 85 वर्षीय एक रिटायर्ड फ़ौजी ने अपनी जीवन भर की ग्रेच्युटी व पेंशन के जोड़ें हुए 15 लाख को PM रिलीफ़ फ़ंड में दान कर दिया।और कहा कि देश का पैसा है,देश को लौटा रहा हूँ।भारत आज देशप्रेम में डूबे इन सिपाहियों के जज़्बे को सलाम करता है।

जय जयकारा -  दानवीरों को शत शत नमन

जहाँ पूरे भारतवर्ष में लोगों की मदद करने के लिये पूरा समाज एकजुट है।वहीं दूसरी और अपनी जान पर खेलकर इस ख़तरनाक बीमारी से लड़ने वाले मेडिकल स्टाफ़, पुलिसकर्मीयों, सफ़ाई कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों व नगर निगम के कर्मचारियों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिये व उनका हौसला बढ़ाने के लिये देश भर में उनका सम्मान किया जा रहा है।जगह जगह फूलों व तालियों से उनका स्वागत किया जा रहा है।और दुःख की घड़ी में राष्ट्र की सेवा करने के लिये उन्हें एक योद्धा के रूप में पेश किया जा रहा है।प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा ने भी ऐसे योद्धाओं के लिये 5 मिनट तक थाली,घंटी या ताली बजाकर धन्यवाद करने के प्रस्ताव को जनता ने हाँथों हाथ लिया था।स्पष्ट है कि सेवा के लिये उठने वाले हाथ,प्रार्थना के लिये उठने वाले हाथों से लाख गुना बेहतर होते हैं। धन्यवाद व जय हिन्द

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