जब छूट जाये जीवन साथी का साथ

परस्पर प्यार, अटूट विश्वास व समर्पण का दूसरा नाम शादी है। शादी को जन्मों जन्मों का बन्धन भी कहा जाता है। एक ऐसा अटूट बन्धन जो सहज है और एक दूसरे के प्रति सम्मान प्रकट करता है।लेकिन नियति पर किसी का वश नहीं हैं। हमारा सबसे प्रिय, सुख दुख का साथी बीच राह में ही हमें छोड़कर चला जाता है। जीवन साथी का साथ एकाएक छूट जाना दाम्पत्य जीवन में ठहराव पैदा कर देता है।अपने साथी के चले जाने से दुनिया अनजान लगने लगती है, निराशा व तनाव घर करने लग जाता है, पुरानी यादें कचोटती हैं और जीने का मक़सद ही बेमानी लगने लगता है लेकिन यह जीवन की असली सच्चाई नहीं है। ज़िन्दगी सब कुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का नाम है।

ज़िन्दगी जीने के लिये है

ज़िन्दगी में कई बार बीच राह में ही जीवन साथी का साथ छूट जाता है।ऐसे हालात में उदास होने या उन्हें बार बार याद करने के बजाए हमें ज़िन्दगी को नये सिरे से सँवारने की कोशिश करनी चाहिये।जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन हमें सिर्फ़ यही बात याद रखनी चाहिए कि जीने का जज़्बा, ज़िन्दगी की तमाम परेशानियों से बड़ा होता है।ज़िन्दगी हमें मुस्कुराने के अनेक अवसर प्रदान करती है,अतः अपने अतीत से निकलकर वर्तमान में रहें और भविष्य के सपने बुनें।अपने जीवन में नये लोगों को महत्व दें और मज़बूत रिश्ते बनायें।मज़बूत रिश्ते हमेशा त्याग व सम्मान के साथ ही बनाये जा सकते हैं।

एक नया रिश्ता बनायें

इससे पहले की आप अन्दर से टूट कर बिखर जायें और अपने आपको गहरे अवसाद में धकेल दें, आपको अपने रिश्तों को एक नया आयाम देना चाहिये।अगर आप शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से सक्षम हैं तो आपको अपने समान विचारों वाले जीवन साथी को तलाश कर पुनर्विवाह कर लेना चाहिये। कुछ ही समय में आप ज़िन्दगी की खोई हुई लय को फिर से पा लेंगे और अपने जीवन में ख़ुशियों को फिर से लौटता हुआ पायेंगे।जीवन में नई शुरुआत करने के लिये कभी देर नहीं होती है, बस चन्द क़दम आगे बढ़ाने होते हैं।

अपने सामाजिक दायरे को बढ़ायें

आप अपने सामाजिक दायरे को बढ़ा कर भी अपनी निराशा व अकेलेपन को दूर कर सकते हैं।आप पार्क, धर्मस्थलों व अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों से मिलें व अपने विचारों का आदान प्रदान करें। विभिन्न क्लबों, धार्मिक संस्थाओं या प्रकृति प्रेमी संस्थाओं से जुड़ कर अपने जीवन को एक नयी दिशा प्रदान कर सकते हैं। जहाँ लोगों से मेलजोल बढ़ा कर आप अपने को व्यस्त रख पायेंगे वहीं समाज में भलाई के कार्यों में भी हाथ बँटा कर अपने जीवन को एक नया आयाम दे सकते हैं।आप कला प्रेमी हों या प्रकृति प्रेमी, सभी क्षेत्रों में कार्य करने के व समाज की बेहतरी के लिये अनेक साधन उपलब्ध हैं,बस उन्हें तलाशने की ज़रूरत है।

एक लम्बी यात्रा पर निकल जायें

अपनी ज़िन्दगी में जारी कश्मकश के बीच अपने आपको जानने व प्रकृति को पहचानने के लिये एक लम्बी यात्रा पर निकल जायें। यह यात्रा धार्मिक हो या सामाजिक,इस से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है।इस रोमांचकारी यात्रा का मतलब ही अपने आप को खोजना है।एक नयी जगह में, नई संस्कृति, नये लोग व नये विचार आपको जीने की नई परिभाषा सिखाएँगे और अपनी ओर आकर्षित करेंगे।प्रकृति के अदभुत नज़ारे आपका मन मोह लेंगे।अपने जीवन की इस अहम यात्रा को आप चाहकर भी भुला नहीं पाएँगे।आप अपना दुःख भूल कर उनके रंग में रंगने की पूरी कोशिश करेंगे। ज़िन्दगी का यह दौर आपकी आने वाली ज़िन्दगी के लिये एक टर्निंग पाईंट हो सकता है।

भगवान पर विश्वास रखें

जब हम कभी अपने आप को अकेला व निस्सहाय महसूस करते हैं तो भूल जाते हैं की भगवान हमारा सर्वोत्तम मित्र है। जो जीवन की किसी भी परिस्थितियों में, हर पल हमारे साथ होता है और हमें जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।बस हमें उसके इशारे को समझने की समझ होनी चाहिये।अगर एक रास्ता बन्द होता है तो दूसरा रास्ता स्वतः ही खुल जाता है, यही जीवन की सच्चाई है।अपने इष्ट देवता पर विश्वास कर कोई भी इंसान किसी भी विकट परिस्थिति से बाहर निकल सकता है।बस समय और हालात पर बराबर नज़र होनी चाहिये।

अपने आप को खोजिए

जीवन की हर परिस्थिति में सपने देखना व उनका पीछा कर मंज़िल तक पहुँचना ही जीवन की असली सच्चाई है।अपने मज़बूत पक्ष को समझिए व पहचानिए।इसे जानकर ही आप कुछ ऐसा कार्य कर सकते हैं जो आपको मानसिक रूप से मज़बूत बनायेगा।अपने दिल की बात सुनें।जो आपके पास है, उसी से ख़ुश रहना सीखिए।ज़िन्दगी की सबसे बड़ी पूँजी आत्मबल है,और इसे खोने के बजाए मज़बूत कीजिए।इसी में आपकी ख़ुशी छुपी हुई है। धन्यवाद व जय हिन्द

5 Replies to “जब छूट जाये जीवन साथी का साथ”

Leave a Reply